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आखरी अपडेट: 15 सितंबर, 2022, 14:21 IST

मुख्यमंत्री ने यहां प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर में ‘घर वापसी समारोह’ के बाद बोलते हुए सभी उग्रवादी संगठनों से बातचीत की मेज पर आने का आग्रह किया। (पीटीआई फोटो)
आत्मसमर्पण करने वाले विद्रोहियों में कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वॉर ग्रुप (केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के 12 और कांगले यावोल कानबा लुप (केवाईकेएल) का एक शामिल है।
दो प्रतिबंधित संगठनों के 13 उग्रवादियों ने गुरुवार को यहां मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सामने अपने आग्नेयास्त्रों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले विद्रोहियों में कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वॉर ग्रुप (केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के 12 और कांगले यावोल कानबा लुप (केवाईकेएल) का एक शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यहां प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर में ‘घर वापसी समारोह’ के बाद बोलते हुए सभी उग्रवादी संगठनों से बातचीत की मेज पर आने का आग्रह किया। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मणिपुर में शांति कायम है और विभिन्न संगठनों के आतंकवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं सभी विद्रोही संगठनों से शांति वार्ता के लिए आने की अपील करता हूं। जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, आत्मसमर्पण करने पर ‘एक भी गोली नहीं चलाई जाएगी और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी’, मुख्यमंत्री ने कहा। छलावरण की वर्दी पहने उग्रवादियों ने दो M79 ग्रेनेड लांचर, जिन्हें ‘लाथोड गन’ के रूप में भी जाना जाता है, तीन 9mm पिस्तौल, दो डेटोनेटर और दो रेडियो सेट सहित अन्य सामान रखे।
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