इंदौर: देश की प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कंपनी शक्ति पम्पस् (इंडिया) लिमिटेड के पंजीकृत ट्रेडमार्क “शक्ति” की नकल कर बाजार में नकली पंप बेचने वाले गिरोह पर कानून का शिकंजा कस गया है। दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश के बाद आज इंदौर के सियागंज इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
शक्ति पम्पस् (इंडिया) लिमिटेड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इंदौर स्थित ‘मां वैष्णव पम्प’ द्वारा “एस के शक्ति” नाम से पंप बेचे जा रहे हैं। इन पंपों की पैकेजिंग, डिजाइन, लोगो और नाम लिखने का तरीका हूबहू असली शक्ति ब्रांड जैसा था, जिससे आम उपभोक्ताओं को आसानी से भ्रमित किया जा रहा था।
कंपनी की ओर से नवकार एसोसिएट्स के अधिवक्ता श्रीमती नम्रता जैन और श्री विजय सोनी ने दिल्ली के वाणिज्यिक न्यायालय (Commercial Court) में मामला दायर किया। कोर्ट ने इसे ट्रेडमार्क एक्ट 1999 और कॉपीराइट एक्ट 1957 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से एक ‘लोकल कमिश्नर’ नियुक्त किया और पुलिस की सहायता से सर्च एवं सीज़र (जब्ती) के आदेश जारी किए।
कोर्ट के आदेश पर आज (गुरुवार) इंदौर के सियागंज स्थित दुकान एवं परिसर पर छापेमारी की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में “SK Shakti” ब्रांड के नकली पंप और पानी की मोटर बरामद की गईं। जब्त किए गए माल की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। सभी नकली उत्पादों को सील कर कोर्ट की कस्टडी में ले लिया गया है।
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब से कोई भी व्यक्ति या इकाई “SK Shakti” नाम से पंपों का निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण या विज्ञापन नहीं कर सकेगा। इस आदेश का उल्लंघन करना ‘कोर्ट की अवमानना’ माना जाएगा।
शक्ति पम्पस् (इंडिया) लिमिटेड ने इस कार्रवाई के माध्यम से बाजार में नकली सामान बेचने वालों को कड़ा संदेश दिया है। कंपनी अपनी बौद्धिक संपदा और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई उन विक्रेताओं के लिए एक चेतावनी है जो बड़े ब्रांड्स के नाम का दुरुपयोग कर जनता के साथ धोखाधड़ी करते हैं।