इंदौर : कहते हैं मधुमक्खियों के काटने से होने वाले जहरीले प्रकोप का कोई मारक नहीं है। ऐसे में जब एक इंसान को हज़ारों मधुमक्खियाँ काट लें तो उसका बचना नामुमकिन ही होता है। लेकिन नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है इंदौर के मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के दो डॉक्टर्स डॉ जय सिंह अरोड़ा और डॉ ज्योति वाधवानी ने जिन्होंने अपने अनुभव और अंतरराष्ट्रीय उपचार पद्धति से खंडवा के मरीज को नया जीवनदान दिया। खंडवा के रहने वाले 29 वर्षीय युवक (किसान) को 11 नवंबर को अचानक मधुमक्खियों ने काट लिया जब वह ट्रैक्टर से अपने खेत पर काम कर रहा था। अचानक हुए हजारों मधुमक्खियों के प्रहार से परेशान देख उसकी मां ने उसे कंबल में लपेटा और धुएं की मदद से मधुमक्खियों को हटाया क्योंकि मधुमक्खियां उसके शरीर को छोड़ ही नहीं रही थी। इसके बाद में मरीज को खंडवा के एक स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया जहां से उसे इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में रेफर किया गया। मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में किसान के इलाज का जिम्मा सौंपा गया इंटरनल मेडिसिन और क्रिटिकल केयर मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ ज्योति वाधवानी और किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ जय सिंह अरोड़ा को । जब वह किसान 11 नवंबर को इंदौर के मेदांता सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल पहुंचा, तब उसे सांस लेने में बेहद तकलीफ हो रही थी, पूरे शरीर में सूजन और कई सारे घाव होने के कारण स्तिथि काफी गंभीर थी। भर्ती हुए मरीज को लंबे उपचार के बाद 7 दिसंबर को दुरुस्त कर डिस्चार्ज किया गया।

इलाज का नेतृत्व कर रही मेदांता सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल इंदौर की डॉ ज्योति वाधवानी ने बताया कि मरीज की हालत को देखते हुए उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया और टेस्ट करने पर पता चला की उसे गंभीर संक्रमण, मासपेशियों में सुजन, सेप्सिस, मसल ब्रेकडाउन, मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन (शरीर के दो या उससे अधिक अंगो का एक साथ काम बंद कर देना) की स्थिति हो गई थी। मधुमक्खी के काटने से बहुत ज्यादा ज़हरीले घाव हो गए थे जिसका उपचार तुरंत सही समय पर कारगर दवाइया दे कर शुरू किया गया।

मेदांता सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल इंदौर के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ जय सिंह अरोड़ा ने बताया कि इस प्रकार के मामले अपने आप में बहुत ही दुर्लभ होते हैं। अक्सर जब इतनी बड़ी संख्या में मधुमक्खियां किसी को डंक मारती है तो व्यक्ति की मृत्यु होने की संभावना ज्यादा होती है और उपचार समय पर शुरू करने से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार जैसे कि प्लाज्मा-एक्सचेंज, सीआरआरटी-सीवीवीएचडीएफ़ (हेमोडियाफिल्ट्रेशन) और कारगर दवाइया दे कर गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए कारगर साबित हो सकते हैं। इन उपचारों से ऐसे मरीजों की मदद हो सकती है जिन्हें कार्डियक फैलियर, लिवर फैलियर, मल्टी ऑर्गन फैलियर, ऑटोइम्यून बीमारियां या गंभीर बैक्टीरिया या वायरल इनफेक्शंस हुए हैं जिन्हें ड्रग्स या केमिकल की वजह से पॉईजनिंग हुई है।
मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इस प्रकार की सभी गंभीर बीमारियों का अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध है और ऐसी बीमारियां और घटनाएं जिनका आम तौर पर इलाज ना होना माना जाता है, उनके भी आधुनिक पद्धति से उपचार करने के लिए मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में संसाधन उपलब्ध हैं, और इस प्रकार की किसी भी स्थिति से तुंरत निपटने के लिए तैयार भी है।