Jai Hind News, New Delhi
आम आदमी का टैक्स स्लैब बदल गया है। यानी खर्चे और कमाई का हिसाब- किताब। 6 लाख तक की सालाना आय पर काेई टैक्स नहीं देना हाेगा। इसके बाद के स्लैब में भी जाे टैक्स देना पड़ता था, उसमें भी बदलाव हुए हैं जिसका सीधा फायदा लाेगाें की जेब पर दिखेगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट (2026-27) पेश किया। इस बजट में सरकार का पूरा ध्यान ’’विकसित भारत 2047‘‘ के साथ मध्यम वर्ग की बचत, युवाओं के लिए रोजगार और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने पर रहा। करीब 85 मिनट के भाषण में वित्त मंत्री ने कई ऐसी घोषणाएं कीं जाे आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालेगी।
इनकम टैक्स का स्लैब बदला :
वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए ‘न्यू टैक्स रिजीम’ (New Tax Regime) के तहत टैक्स स्लैब में बदलाव किया है। जाे बजट 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण है और इसी काे लेकर आम से खास लाेगाें तक में सबसे ज्यादा कयास लगाए जा रहे थे।
6 लाख तक कोई टैक्स नहीं:
अब ₹6,00,000 तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह राहत आम आदमी के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है क्याेंकि देश का सबसे बड़ा आय वर्ग इसी स्लैब में आता है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन:
नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। यह भी बड़ा बदलाव है। बीते बजट में भी इसे लेकर सबसे ज्यादा बातें हुई थीं, लेकिन पारित बजट पर काेई असर नहीं देखने काे मिला था। अब यह बदलाव कर दिया गया है।
नया टैक्स स्लैब: *
₹0 – ₹3 लाख तक : शून्य
₹3 – ₹7 लाख तक : 5% (छूट के साथ ₹6 लाख तक प्रभावी शून्य)
₹7 – ₹10 लाख तक : 10%
₹10 – ₹12 लाख तक : 15%
माना जा रहा है कि इससे मध्ध्यमवर्गीय आय वाले लाेगाें काे बड़ा फायदा हाेगा और औसत वेतनभोगी कर्मचारी को साल भर में करीब ₹15,000 से ₹25,000 तक की सीधी बचत होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क (Customs Duty) में कई बदलाव किए हैं:
सस्ता क्या हुआ: कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत देते हुए 17 जीवन रक्षक दवाओं पर से कस्टम ड्यूटी हटा ली गई है। इसके अलावा मोबाइल फोन, चार्जर और पीसीबी (PCB) सस्ते होंगे। सोलर पैनल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी घटाई गई है।
महंगा क्या हुआ: विदेशी छतरियां, कुछ खास किस्म के प्लास्टिक उत्पाद, और विदेश से आने वाले लग्जरी ऑटो पार्ट्स महंगे हो गए हैं। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर एनसीसीडी (NCCD) बढ़ा दिया गया है।
रेलवे में हाईस्पीड ट्रेनाें की तरफ कदम
भारतीय रेलवे के लिए इस बजट में ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। खास ताैर पर हाई स्पीड ट्रेनाें के विस्तार के लिए। सरकार ने मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और दिल्ली-अमृतसर जैसे 7 प्रमुख रूटों पर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर सर्वे और निर्माण को मंजूरी दी है। साथ ही अब देश के हर कोने में ‘वंदे भारत’ की स्लीपर ट्रेनें चलेंगी। साथ ही 40,000 सामान्य कोचों को वंदे भारत के मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा ताकि आम यात्री भी सुरक्षित सफर कर सकें। ये सभी कार्य इसलिए किए जा रहे हैं ताकि हर भारतीय के लिए सामान्य ट्रेनाें से लेकर हाई स्पीड ट्रेनाें तक में सफर आसान बनाया जा सके।
कृषि और अन्नदाता के लिए सौगात
किसानों के लिए सरकार ने ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) की घोषणा की है। अगले 3 वर्षों में 6 करोड़ किसानों और उनकी जमीन का विवरण डिजिटल पोर्टल पर लाया जाएगा। 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाने के लिए सहायता और प्रमाणीकरण दिया जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी के संकेत देते हुए ग्रामीण विकास के लिए ₹2.65 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस तरह खेती और किसान के लिए भी बड़ी संभावनाओं का सृजन करते हुए नई याेजनाओं काे आकार दिया जा रहा है।
युवाओं के लिए ‘इंटर्नशिप और रोजगार’
बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार ने बड़ा दांव खेला है। देश की टॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को ₹5,000 प्रति माह का भत्ता और ₹6,000 की एकमुश्त सहायता सरकार देगी।जो युवा सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ₹10 लाख तक के लोन पर ई-वाउचर (ब्याज छूट) दिया जाएगा। इस तरह युवाओं के लिए शिक्षा, लाेन, नाैकरी के स्तर पर कई नई याेजनाएं बनाई गई हैं।
गरीबों के लिए आवास
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 3 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए बजट में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इस तरह लगभग हर वर्ग के लिए इस बजट में कुछ प्रावधान और बदलाव किए गए हैं जाे आने आले समय में लाभकारी साबित हाेंगे।
विशेषज्ञाें की राय में बजट 2026 प्रथम दृष्ट्या ‘संतुलित’ नजर आता है। मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देकर खर्च करने की शक्ति बढ़ाई गई है, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च (₹11.11 लाख करोड़) करके रोजगार पैदा करने की कोशिश की भी गई है। हालांकि अलग-अलग सेक्टराें पर इसके हाेने वाले असर और शेयर बाजार की तरफ से इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही है। वैश्विक स्तर पर इसका क्या असर हाेगा, यह देखने वाली बात हाेगी।