इंदौर। वर्ल्ड किडनी डे 2026 के अवसर पर शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर द्वारा एक विशेष पेशेंट एवं डोनर मीट का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल में सफल किडनी प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों और उनके डोनर्स ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अंगदान के महत्व को समाज तक पहुंचाना था।
इस अवसर पर शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर की रीनल ट्रांसप्लांट टीम ने किडनी से जुड़ी बीमारियों, उनके उपचार और ट्रांसप्लांट की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर में पिछले पाँच वर्षों में 50 सफल किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं, जो अस्पताल की विशेषज्ञता और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाता है।
डॉ. विनीत नाज़ा जैन, सीनियर किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन एवं यूरोलॉजिस्ट शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट उन मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद है जिनकी किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, सही उपचार और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर कई लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है।
डॉ. अनीता चौकसे, सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर ने कहा कि किडनी से जुड़ी बीमारियाँ अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती रहती हैं, इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखना किडनी की सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
डॉ. राहुल शुक्ला, नेफ्रोलॉजिस्ट शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर ने कहा कि आज की जीवनशैली में मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा किडनी फेलियर के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और नियमित व्यायाम जैसी अच्छी आदतें अपनाकर किडनी से जुड़ी कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
डॉ. मोहित नरेडी, नेफ्रोलॉजिस्ट शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर ने कहा कि किडनी की बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर जांच कराना बेहद आवश्यक है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या पारिवारिक इतिहास है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार आसान हो जाता है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
डॉ. शशांक चौरसिया, यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर ने कहा कि अंगदान वास्तव में जीवनदान है। किडनी ट्रांसप्लांट के माध्यम से कई मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और वे स्वस्थ जीवन जी सकें।
कार्यक्रम में एनेस्थेटिस्ट डॉ. विभोर अकोटिया, डॉ. विवेक चंद्रावत और डॉ. नरेंद्र दादरवाल की महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया गया, जिनके सहयोग से किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएँ सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो पाती हैं। साथ ही सीओओ वेंकटेश्वर, डिप्टी सीएओ अभिषेक चौरसिया और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ विवेक जोशी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने किडनी स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही लोगों से अंगदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील भी की।