श्री मंदिर’ ऐप से देश-विदेश के भक्त जुड़े, उज्जैन में संपन्न हुई शनि महापूजा

उज्जैन – शनि जयंती और ज्येष्ठ मास की शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग, जो पिछले 13 वर्षों में एक साथ नहीं आया था, इस बार उज्जैन स्थित नवग्रह शनि मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, वैदिक परंपरा और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर शनि महापूजा, तिल तेल अभिषेक, मंत्र जाप, हवन और विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन किया गया, जिनसे देश-विदेश के श्रद्धालु ‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से जुड़े।

‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से देश और विदेश के एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा, संकल्प और विशेष अनुष्ठानों में डिजिटल रूप से सहभागिता की। जिन श्रद्धालुओं के नाम से शनि तिल तेल अभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं अन्य विशेष पूजाएं संपन्न की गईं, उन सभी अनुष्ठानों के वीडियो भी भक्तों को ऐप पर उपलब्ध करवाए गए। इससे श्रद्धालुओं को न केवल अपने संकल्प की पूर्णता का अनुभव हुआ, बल्कि पूजा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ। यह पहल विशेष रूप से उन भक्तों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जो स्वास्थ्य, आयु या दूरी के कारण मंदिर तक नहीं पहुँच पाते, लेकिन फिर भी अपनी आस्था और परंपरा से गहराई से जुड़े रहना चाहते हैं।

नवग्रह शनि मंदिर में आयोजित इस विशेष महाअनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपराओं, आस्था और आध्यात्मिक मूल्यों को संरक्षित करने का एक सामूहिक प्रयास बना। उज्जैन, जो प्राचीन काल से आध्यात्मिक चेतना और ज्योतिषीय परंपराओं का केंद्र रहा है, इस दुर्लभ अवसर पर एक बार फिर श्रद्धा और साधना का प्रमुख केंद्र बना।

इस आयोजन की विशेषता केवल पूजा तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाजसेवा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा रही। ‘श्री मंदिर’ द्वारा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भंडारा सेवा, प्याऊ सेवा और श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधा सेवाओं का आयोजन किया गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों के लिए निःशुल्क भोजन एवं जल सेवा उपलब्ध कराई गई। यह पहल भारतीय संस्कृति की उस भावना को दर्शाती है, जहाँ धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और सामुदायिक जुड़ाव का माध्यम भी है।

पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शनि मंत्र जाप और हवन से वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा। मान्यता है कि शनि जयंती के दिन श्रद्धा और सेवा भाव से की गई पूजा जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

नवग्रह शनि मंदिर के महंत राकेश बैरागी, नवग्रह शनि मंदिर, ने कहा, “शनिदेव कर्म और न्याय के देवता हैं। जब श्रद्धा, सेवा और भक्ति एक साथ जुड़ती है, तभी पूजा का वास्तविक फल प्राप्त होता है। आज तकनीक के माध्यम से जो भक्त यहाँ उपस्थित नहीं हो सके, वे भी इस दिव्य अनुष्ठान का हिस्सा बन पाए। यह हमारी परंपराओं और आस्था को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक सुंदर माध्यम है।”

श्री मंदिर’ ऐप के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा, “हम मानते हैं कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था को जोड़ने वाला एक सेतु भी बन सकती है। हमारा उद्देश्य मंदिरों की परंपराओं, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा को हर श्रद्धालु तक उसी पवित्रता और विश्वास के साथ पहुँचाना है। उज्जैन में आयोजित यह शनि महापूजा इस बात का उदाहरण है कि कैसे सेवा, श्रद्धा और तकनीक मिलकर समाज और संस्कृति को मजबूत बना सकते हैं।”

‘श्री मंदिर’ ऐप लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है कि देशभर के मंदिरों की परंपराएं, सेवा कार्य और आध्यात्मिक अनुभव देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक विश्वसनीय और पारदर्शी तरीके से पहुँच सकें। उज्जैन का यह आयोजन इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया कि कैसे आस्था, सेवा और तकनीक का संतुलित समन्वय श्रद्धालुओं को जोड़ने और सनातन परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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