इंदौर — चिकित्सा जगत में उत्कृष्टता और मानवीय सेवा के लिए अपनी विशेष पहचान रखने वाले यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के जाने-माने लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. युक्तांश पांडे ने हाल ही में एक विशेष स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस गरिमामयी समारोह में वे मरीज विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनका जटिल लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ट्रांसप्लांट उपरांत मरीजों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करना और समाज में अंगदान (Organ Donation) एवं लिवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रसार करना था। इस अवसर पर इंदौर में लोकल कोऑर्डिनेटर के रूप में आनंद राठौर भी उपस्थित थे l
समारोह के दौरान उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों ने अपने संघर्ष और पुनर्जीवन के भावुक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि गंभीर अवस्था और लिवर फेलियर (End-Stage Liver Disease) के दौर में जब उन्हें कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी, तब यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में डॉ. युक्तांश पांडे के कुशल मार्गदर्शन, अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उनकी समर्पित टीम की देखरेख ने उन्हें एक नई जिंदगी प्रदान की। आज ये सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर एक सक्रिय और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. युक्तांश पांडे (लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद) ने कहा, “एक सफल लिवर ट्रांसप्लांट केवल एक सर्जिकल प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक मरीज और उसके पूरे परिवार को नया जीवन और संबल देने का माध्यम है। आज हमारे इन स्वस्थ मरीजों को मुस्कुराते और सक्रिय जीवन जीते देखना हमारे संपूर्ण चिकित्सा दल के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। हमारा निरंतर यही प्रयास है कि हम देश के हर कोने तक उत्कृष्ट, पारदर्शी और सुलभ लिवर केयर पहुँचा सकें, और इंदौर के मरीजों के लिए यह मासिक ओपीडी इसी दिशा में एक सार्थक कदम है।”
इंदौर और मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है यह पहल
कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया गया कि डॉ. युक्तांश पांडे अब प्रत्येक माह इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अपनी विशेष सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य मध्य प्रदेश के गंभीर रूप से ग्रसित लिवर रोगियों को महानगरों के चक्कर काटने की असुविधा और आर्थिक भार से बचाना है। स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा परामर्श और फॉलो-अप की सुविधा मिलने से मरीजों को बेहद राहत मिल रही है।
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने और मरीजों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए, इंदौर में लोकल कोऑर्डिनेटर के रूप में आनंद राठौर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परामर्श, ओपीडी अपॉइंटमेंट, मेडिकल रिपोर्ट्स के मूल्यांकन तथा ट्रांसप्लांट से जुड़ी किसी भी प्रकार की सहायता के लिए मरीज एवं उनके परिजन आनंद राठौर से संपर्क कर सकते हैं।
लिवर ट्रांसप्लांट से जुड़े प्रमुख चिकित्सीय बिंदु:
- सामान्य और गुणवत्तापूर्ण जीवन: आधुनिक सर्जिकल पद्धतियों के कारण लिवर ट्रांसप्लांट के पश्चात मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी दैनिक और पेशेवर जिंदगी में सफलतापूर्वक लौट सकते हैं।
- समय पर उचित परामर्श: लिवर की पुरानी व गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए समय रहते विशेषज्ञ सर्जन से परामर्श करना और सही निर्णय लेना जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है।
- अत्याधुनिक एवं सुरक्षित तकनीक: यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में उपलब्ध उन्नत बुनियादी ढांचा, संक्रमण-मुक्त आईसीयू और उच्च-स्तरीय क्रिटिकल केयर यूनिट के कारण ट्रांसप्लांट की सफलता दर अत्यधिक उच्च है।
- अंगदान (Organ Donation) की महत्ता: समाज में अंगदान के प्रति झिझक को दूर कर यदि लोग कैडेवर (ब्रेन डेड) या लिविंग डोनेशन के लिए आगे आएं, तो अनगिनत बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है।