चौंकाने वाली हकीकत केक- बिस्कुट की

  • घोर लापरवाही में बनाए जा रहे केक और पेस्ट्री, छापामार कार्रवाई में साबित

जिस केक और बिस्कुट को आप बड़े स्वाद ले ले कर खाते हैं, उसे बनाने की हकीकत और स्वच्छता की पुष्टि कर लें तो बेहतर होगा। कारण यह है कि उसे बनाते समय कितनी सावधानी बरती जा रही है यह एक बड़ा सवाल है। धड़ल्ले से बिक रहे केक और बिस्कुट को बनाने में घोर लापरवाही बरती जा रही है और देखने वाला कोई नहीं है। एक बेकरी पर छापा मारा गया तो डराने वाली हकीकत सामने आई।

जंग लगे बर्तनों में केक बनाए जा रहे

जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम मिलावटखोरी पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में केलोद करताल स्थित ओमकार बेकरी पर कार्रवाई की गई. जिसे नरेश गोखलानी चला रहे थे. एसडीएम अजय भूषण और उनकी टीम ने यहां छापामार कार्रवाई की. यहां गंदगी के बीच केक, बिस्किट और पेस्ट्री का निर्माण होना पाया गया. अधिकारियों ने संचालक से लाइसेंस मांगा तो उसके पास वह भी नहीं था. प्रशासन ने यहां काफी गंदगी देखी और शक्कर, तिल्ली, मैदा, मूंगफली दाना आदि के सैंपल भी लिए और काफी तैयार केक और पेस्ट्री नष्ट कराई।  जांच में पाया गया कि जंग लगे बर्तनों में केक बनाए जा रहे हैं. जो बेहद घातक और खतरनाक साबित हो सकते हैं।

हादसे का इंतजार

जबजब शिकायत होती है या कोई बड़ा हादसा होता है तो प्रशासन इस तरह की कार्रवाई में जुट जाता है, बड़ी संख्या में खाद्य पदार्थ निर्माता और विक्रेताओं के यहां पर जांच की जाती है लेकिन इसके पहले कहीं कोई कार्रवाई नजर नहीं आती. सवाल यह खड़ा होता है कि क्या प्रशासन हमेशा हादसे या शिकायत का इंतजार करता है. इंदौर में हजारों की संख्या में बेकरी और खानेपीने के सामान बनाने की फैक्ट्रियां चल रही है जिनमें से कई अवैध है तो कई में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, लेकिन  इनकी जांच करने वाला कोई नहीं है. अधिकतर कार्रवाई तभी होती है जब कोई हादसा होता है या कोई शिकायत की जाती है. ऐसे मे सवाल यह खड़ा होता है की प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी किस बात का इंतजार कर रहे हैं।

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