मोटे लोग जा रहे “जेल”, वो भी मोटी फीस देकर 

ज्यादा वजन वाले लोग इन दिनों जेल जा रहे हैं। वो भी खुद की मर्जी से और एक मोटी रकम देकर। यह रकम उन्हें जेल में रखने की फीस होती है। यहां रहकर वे वजन कम करने की कोशिश करते हैं। इसे “फैट प्रिजन” क्यों कहा जा रहा है, आइए जानते हैं। 

यह नया कॉन्सेप्ट चीन में आकार ले रहा है। वहां के कुछ शहरी इलाकों में इसकी चर्चा जोरों पर है और फैट प्रिजन भी शुरू किए जा रहे हैं। दरअसल यह ऐसी जगह है जहां मोटे लोग तय फीस भरकर रहने आते हैं। यह अपराधियों की तरह सजा देने वाली जगह नहीं है बल्कि प्राइवेट अस्पताल या एक मल्टी फंक्शनल सेंटर होता है जो कई तरह की सुविधा मुहैया कराता है। यहां रहने, खाने और दूसरी गतिविधियों की व्यवस्था भी होती है। यहां कुछ दिन रुकने के लिए लोग हजारों रुपए खर्च करते हैं। 

इसलिए इसे जेल कहते हैं 

इस तरह की जगह, जहां मोटे लोग अपना वजन कम करने के उद्देश्य से आकर रहते हैं उसे फैट प्रिजन कहा जाता है। यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यहां का गेट किसी भी सामान्य जेल की तरह अधिकांश समय बंद ही रखा जाता है। यहां के संबंधित पदाधिकारियों और जिम्मेदारों की अनुमति के बगैर कोई बाहर नहीं जा सकता। विशेष परिस्थितियों में ही यहां से बाहर जाने की अनुमति होती है वो भी निश्चित समय के लिए। 

कई नियमों का पालन अनिवार्य

यहां व्यक्ति आता जरूर खुद की मर्जी से है लेकिन यहां रहने वाले को यहां के सारे नियम कायदों का पालन करना होता है। यहां रहने वालों को कुछ इस तरह के नियमों का पालन करना होता है : 

प्रतिदिन सामूहिक रूप से सुबह 7 बजे के पहले उठना होता है। 

कम से कम चार घंटे प्रतिदिन अलग-अलग तरह के व्यायाम कराए जाते हैं। 

सुबह और शाम दोनों ही समय वजन मापा जाता है।

हर दिन तीन बार बैलेंस्ड और पोषण आवश्यकता को ध्यान में रखकर आहार दिया जाता है। 

मोबाइल फोन का उपयोग सीमित समय के लिए ही करने की अनुमति होती है। 

ओवरवेट होना बड़ी समस्या 

गौरतलब है कि दुनिया के कई देशों में वहां के नागरिकों के ओवरवेट होने की समस्या बढ़ रही है। चीन भी इन्हीं देशों में से एक है। एक रिपोट के अनुसार चीन में भी मोटापा बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रहा है और यहां के लगभग 50 प्रतिशत वयस्क ओवरवेट का शिकार हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर वहां के कई शहरी क्षेत्रों में वेट लॉस कैंप बनाए जा रहे हैं। जिनमें से कुछ इस तरह फैट प्रिजन के रूप में संचालित किए जा रहे हैं।

 

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