- कैंसर जैसी घातक बीमारी का इलाज भी आयुर्वेद से संभव
मरीजों के इलाज रूपी सेवा में समर्पण भाव से काम करना और उनमे जागरूकता लाना ही एक चिकित्सक का मूल उद्देश होता है और इस बात को चरितार्थ किया डॉक्टर अखलेश भार्गव ने। उनके सेवा भाव, कार्य और उपलब्धियों को देखते हुए 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर के नेहरू स्टेडियम में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा एवं कलेक्टर श्री शिवम वर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय इंदौर के शल्य तंत्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. अखलेश भार्गव यह सम्मान कैंसर मरीजों की आयुर्वेद चिकित्सा के लिए दिया गया। अब तक उन्होंने देशभर के हजारों कैंसर मरीजों की चिकित्सा की है।
डॉ. अखलेश भार्गव ने स्तन कैंसर जागरूकता एवं शीघ्र निदान प्रोजेक्ट के माध्यम से हजारों महिलाओं में जागरूकता पैदा की और कैंसर के प्रमुख कारण नशे पर भी लगातार जागरूकता फैला रहे हैं। मध्य प्रदेश में आयुर्वेद में पहली बार कैंसर मरीजों के लिए ओजोन थेरेपी की शुरुआत की है। अभी हाल ही में भारत सरकार आयुष मंत्रालय के जन स्वास्थ्य कार्यक्रम कारूण्य के नोडल अधिकारी के रुप मे इंदौर जिले में एवं गांवों-कस्बों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए घर-घर जाकर मरीजों की सेवा के लिए कार्य किया। पूर्व में भी डॉ भार्गव को अनेक सम्मानों के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. भार्गव ने कहा कि यह सम्मान उन हजारों कैंसर मरीजों को समर्पित है, जिन्होंने अपने इलाज के लिए आयुर्वेद चिकित्सा पर विश्वास किया। कैंसर का इलाज करने के लिए पूरे देश से मरीज इंदौर आते हैं। आध्यात्मिक चिकित्सा, जीवन शैली, योग प्राणायाम एवं अन्य विधाओं से कैंसर के मरीजों के जीवन में बदलाव लाया गया है। डॉ. भार्गव अनेक सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर लगातार समाज सेवा के कार्यों में अपना सहयोग प्रदान करते हैं।
गौरतलब है कि डॉ. अखलेश भार्गव, देश के ख्यातनाम केंद्र भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर से एम.एस. आयुर्वेद सर्जरी एवं पीएचडी हैं। वर्तमान में 2009 से मध्यप्रदेश शासन के आयुष विभाग द्वारा संचालित शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष शल्य तंत्र पर कार्यरत हैं। अस्पताल में संचालित आयुर्वेद कैंसर यूनिट एवं ओजोन थेरेपी यूनिट के संचालक हैं और भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन द्वारा कैंसर एवं गंभीर बीमारियों की पेलिएटिव केयर हेतु “कारूण्य” पायलट प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी एवं स्तन कैंसर जागरूकता एवं शीघ्र निदान प्रोजेक्ट के संचालक हैं। भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्यरत हैं।

कैंसर मरीजों के लिए समर्पण
2017 से अस्पताल में आयुर्वेद कैंसर यूनिट संचालित है जिसमें पूरे देश के कैंसर के मरीज इंदौर में आयुर्वेद से इलाज करने आते हैं, इंदौर स्थित अष्टांग हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों की आयुर्वेद द्वारा चिकित्सा, कैंसर के मरीजों का आयुर्वेद औषधियों के द्वारा इलाज तथा गंभीर नहीं भरने वाले घावो का आयुर्वेद पद्धति के इलाज किया जा रहा और हजारों मरीज आयुर्वेद से लाभ उठा चुके हैं ।
कोरोना काल में की मरीजों की सेवा
कोरोना काल में जब इस बीमारी के खिलाफ कोई दवाई नहीं थी, उस समय में डाॅ. भार्गव ने प्रशासन के सहयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधियों का वितरण किया और लोगों को कोरोना से बचने के लिए योगा प्राणायाम एवं दिनचर्या की जानकारी दी। वे खुद भी अपनी पत्नी के साथ कोरोना से संक्रमित हुए, इनके साथ-साथ इनकी 12 वर्षीय बेटी ने भी कोरोना जागरूकता के वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक किया। अखबार एवं पत्रिकाओं में तथा मीडिया के सहयोग से लोगों को कोरोना के लिए जागरूक किया तथा ऑनलाइन कोरोना के रोगियों को परामर्श दिया, जिससे अनेक रोगी स्वस्थ हुए ।
समाज सेवा के लिए हुए सम्मानित
समाज सेवा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने के लिए डाॅ. भार्गव को अनेक अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। निशुल्क कैंप द्वारा लोगों का इलाज किया है। कैंसर की जागरुकता के लिए रैली, पर्ची वितरण ,आर्टिकल ,सेमिनार और लेक्चर के द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाई है, स्तन कैंसर एवं सरविक्स कैंसर के लिए महिलाओं को व्याख्यान दिए हैं।
