इंदौर| अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि एक पूरी टीम इसके पीछे काम करती है। इस टीम में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि मरीज़ों की लगातार देखभाल, निगरानी और सहयोग की जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है। इसी योगदान को सम्मान देने के लिए यूनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनेशनल नर्सेस डे के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के कार्य और समर्पण को केंद्र में रखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आधुनिक नर्सिंग की जनक मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद नर्सिंग सुपरिटेंडेंट द्वारा मुख्य अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. वत्सल कयाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रबंधन ने नर्सिंग स्टाफ के योगदान की सराहना की और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका को अहम बताया।
यूनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के.के. नीमा ने कहा, “नर्सिंग स्टाफ किसी भी अस्पताल की कार्यप्रणाली का आधार होता है। ऑपरेशन थिएटर से लेकर वार्ड तक हर स्तर पर उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मरीज़ों की देखभाल में उनका अनुशासन, सतर्कता और निरंतर उपस्थिति उपचार प्रक्रिया को प्रभावी बनाती है। ऐसे अवसर नर्सिंग स्टाफ के योगदान को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने का काम करते हैं।”
यूनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वत्सल कयाल ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर परिणाम टीमवर्क पर निर्भर करते हैं और इस टीम में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे अहम रहती है। मरीज़ों के साथ उनका लगातार संपर्क और देखभाल उपचार को आगे बढ़ाने में मदद करता है। नर्सिंग स्टाफ का समर्पण और जिम्मेदारी अस्पताल की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है, इसलिए उनके कार्य को सम्मान देना जरूरी है।”
यूनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कंसलटेंट मेडिसिन डॉ. सुहानी कयाल ने कहा, “नर्सिंग सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि सेवा और संवेदनशीलता से जुड़ा क्षेत्र है। मरीज़ों की जरूरतों को समझना, समय पर सहायता देना और उनका मनोबल बनाए रखना नर्सिंग स्टाफ की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उनके इस योगदान को पहचानना और सराहना करना स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है।”