इंदौर: वैश्विक स्तर पर एआई-फर्स्ट बिजनेस कंसल्टिंग एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी इंफोसिस ने नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक (एसडीबी-2) का उद्घाटन करते हुए अपने इंदौर डेवलपमेंट सेंटर (डीसी) के विस्तार की घोषणा की है। यह नया ब्लॉक सुपर कॉरिडोर, इंदौर के कैंपस में खोला गया है। 3,30,000 वर्ग फीट में बने इस ब्लॉक ने मध्य भारत में इंफोसिस की उपस्थिति को मजबूत किया है। साथ ही क्षेत्र की बढ़ती टेक्नोलॉजी एवं यहां के टैलेंट इकोसिस्टम के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता भी मजबूत हुई है।
उद्घाटन समारोह के दौरान मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, इंदौर के माननीय सांसद शंकर लालवानी और विधायक मनोज निर्भय सिंह पटेल उपस्थित रहे। साथ ही इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जयेश संघराजका, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सुनील कुमार धारेश्वर और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नीलाद्री प्रसाद मिश्रा तथा मध्य प्रदेश सरकार एवं इंफोसिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इंफोसिस इंदौर में 3,300 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं, जो वैश्विक स्तर पर बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एवं इंश्योरेंस (बीएफएसआई), रिटेल, लाइफ साइंसेज और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े क्लाइंट्स को सपोर्ट करते हैं। विस्तारित सेंटर से क्लाउड, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवं मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी के मामले में इंफोसिस की क्षमताएं मजबूत होंगी, जिससे क्लाइंट्स की बदलती जरूरतों को पूरा करना संभव होगा। इस विस्तार से इंफोसिस को मध्य भारत की प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़ने में भी मदद मिलेगी। इंफोसिस ने स्किलिंग प्रोग्राम और इंस्टीट्यूशनल पार्टनरशिप के माध्यम से मध्य प्रदेश के एकेडमिक एवं टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के साथ अपने जुड़ाव को भी गहरा करने की योजना बनाई है। इसके तहत आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) जैसे संस्थानों के साथ जुड़ाव शामिल है।
नई इमारत को इंफोसिस की ईएसजी प्रतिबद्धताओं और उच्च प्रदर्शन वाले ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस केंद्र को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें कम ऊर्जा खपत वाली कूलिंग व्यवस्था, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। यहां फ्लेक्सिबल वर्कस्टेशन, प्रशिक्षण केंद्र और वेलनेस सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “एक मजबूत टैलेंट बेस और तेजी से विकसित हो रहे इनोवेशन इकोसिस्टम के सहयोग से इंदौर लगातार एक अहम टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है। इंदौर में इंफोसिस का निवेश राज्य के स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा तथा मध्य प्रदेश के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा। हम राज्य के प्रति इंफोसिस की इस नई प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं और टेक्नोलॉजी आधारित एवं समावेशी आर्थिक विकास में योगदान की उम्मीद करते हैं।”
इंफोसिस के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जयेश संघराजका ने कहा, “इंदौर में अपनी मौजूदगी का विस्तार करते हुए हम बेहद उत्साहित हैं। यह कदम टैलेंट, इनोवेशन और डिजिटल क्षमताओं में हमारे निरंतर निवेश को दर्शाता है। इस विस्तार से हमें क्षेत्र के मजबूत टैलेंट पूल का लाभ उठाने, एआई, क्लाउड एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। यह विस्तार निरंतर निवेश और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित करते हुए मध्य प्रदेश के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।”