इंदौर। केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर के स्माइल ट्रेन क्लेफ्ट सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं वरिष्ठ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. जयदीप सिंह चौहान को इंडोनेशिया के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलनों में शामिल एसोसिएशन ऑफ इंडोनेशियन ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स (PIT PABMI 2026) की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में क्लेफ्ट पैलेट रिकंस्ट्रक्शन इंस्ट्रक्टर और अंतरराष्ट्रीय वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन 13 से 15 अगस्त 2026 तक इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित होटल टेंट्रेम में आयोजित होगा। इस आयोजन में इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, शिक्षाविद, शोधकर्ता और प्रशिक्षु भाग लेंगे।
सम्मेलन की आयोजन समिति द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र के अनुसार डॉ. चौहान 13 अगस्त को आयोजित “स्पेशल मेडिकल सिम्युलेशन बाय स्माइल ट्रेन – क्लेफ्ट पैलेट रिकंस्ट्रक्शन” सत्र का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान वे क्लेफ्ट पैलेट रिकंस्ट्रक्शन पर विशेष हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित करेंगे, जिसमें विशेषज्ञ सर्जनों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सत्र का उद्देश्य क्लेफ्ट पैलेट सर्जरी की नवीनतम तकनीकों, बेहतर उपचार पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्लीनिकल प्रैक्टिस को विशेषज्ञों तक पहुंचाना है।
डॉ. जयदीप सिंह चौहान पिछले लगभग 20 वर्षों से केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर स्थित स्माइल ट्रेन क्लेफ्ट सेंटर के माध्यम से जन्मजात कटे होंठ एवं तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) से प्रभावित बच्चों के उपचार, पुनर्निर्माण सर्जरी और समग्र पुनर्वास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में सेंटर ने हजारों बच्चों का सफल उपचार कर उन्हें सामान्य जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे देश और विदेश के युवा सर्जनों को प्रशिक्षण देने तथा क्लेफ्ट केयर से जुड़े ज्ञान के आदान-प्रदान में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
डॉ. चौहान का कहना है कि क्लेफ्ट पैलेट जैसी जन्मजात विकृतियों का समय पर और वैज्ञानिक तरीके से उपचार बच्चों के जीवन की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच विभिन्न देशों के विशेषज्ञों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विकसित क्लेफ्ट केयर मॉडल और स्माइल ट्रेन के सहयोग से अर्जित अनुभवों को वैश्विक मंच पर साझा करना उनके लिए सम्मान की बात है।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आमंत्रण केवल डॉ. जयदीप सिंह चौहान की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि इंदौर, मध्यप्रदेश और भारत की चिकित्सा विशेषज्ञता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का भी प्रमाण है। हॉस्पिटल का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक मंचों पर भारतीय विशेषज्ञों की भागीदारी से चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी तथा भविष्य में मरीजों को और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।