इंदौर। कैंसर को सबसे घातक रोगों की में सूची सबसे पहले गिना जाता है। दुनिया में हर छठी मौत कैंसर के कारण होती है। यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है, जैसे- ब्लड कैंसर, पेट, स्तन, फेफड़ों, गर्भाशय, लंग और प्रोस्टेट कैंसर आदि सहित और भी कई नए तरीके के कैंसर आजकल होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता का विषय यह है कि लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। कैंसर से मृत्यु का खतरा इसलिए अधिक है क्योंकि अधिकतर लोगों में रोग का पता ही तब चल पाता है जब ये बीमारी आखिरी के चरणों में पहुंच जाती है। अगर समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इसके जोखिमों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के जोखिमों को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस के इस साल का थीम है “क्लोज द केयर गैप” है जो दुनियाभर में मौजूद कैंसर देखभाल में व्याप्त असमानताओं पर प्रकाश डालता है।
दुनिया में भर में कैंसर की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए इंदौर के शैल्बी मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के शैल्बी कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा स्पेशल ओपीडी का आयोजन किया जाएगा। 02 फरवरी से 09 फरवरी तक चलने वाली इस ओपीडी में डिपार्टमेंट ऑफ ऑन्कोलॉजी के कैंसर विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे जो मरीजों को नि:शुल्क परामर्श प्रदान करेंगे।

शैल्बी कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट के डिपार्टमेंट ऑफ ऑन्कोलोजी के कैंसर रोग विशेषज्ञों के अनुसार “कैंसर दुनियाभर में सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है। मेडिकल साइंस में प्रगति और कारगर उपचार के चलते अब ये लाइलाज बीमारी तो नहीं रही है, लेकिन फिर भी यह एक ऐसी बीमारी है, जो न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से व्यक्ति एवं उसके परिवार को कमजोर बनाती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी कमर तोड़ कर रख देती है। लेकिन इस जानलेवा रोग का अगर समय पर निदान कर लिया जाए तो इलाज और रोगी की जान बचाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इसकी पहचान करने के लिए कैंसर को जानना बेहद आवश्यक है। जब शरीर में कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती है, तब कैंसर होता है। कैंसर शरीर के किसी भी अंग में शुरू हो सकता है। जब ये शरीर के दूसरे अंगों में फैल जाता है, तब जानलेवा साबित होता है। पुरुषों में लंग, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लीवर का कैंसर आम है। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, लंग, सर्वाइकल कैंसर व थायराइड कैंसर काफी आम हैं। कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे अत्यधिक व लगातार खांसी आना, लार में रक्त आना, पेशाब होने के तरीके में बदलाव, धब्बे, तिल व त्वचा में बदलाव, त्वचा के रंग और बनावट में परिवर्तन, अकारण दर्द व थकान आदि। इन लक्षणों के दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें एवं बिना किसी देर के उपचार की शुरुआत करें।
शैल्बी हॉस्पिटल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ अनुरेश जैन एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ विवेक जोशी ने बताया, “भारत समेत पूरी दुनिया में कैंसर काफी तेजी से फ़ैल रहा है, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के नए अनुमानों के अनुसार, भारत में प्रत्येक 10 भारतीयों में से 1 को अपने पूरे जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना है। इसके बचाव के लिए जरुरी हो कि लोगों को इसके बारे में जानकारी हो, इसी को ध्यान में रखते हुए इंदौर के शैल्बी मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के शैल्बी कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा स्पेशल ओपीडी का आयोजन किया जाएगा। इस ओपीडी में डिपार्टमेंट ऑफ ऑन्कोलोजी के कैंसर विशेषज्ञ डॉ एस पी श्रीवास्तव, डॉ नयन गुप्ता, डॉ संजोग जायसवाल, डॉ. निमेश दाहिमा, डॉ स्वाति पाटीदार और डॉ रिद्धिमा ओझा मौजूद रहेंगे जो मरीजों को नि:शुल्क परामर्श प्रदान करेंगे। शैल्बी हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य हेतु रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कीमोथेरेपी) और ऑंको सर्जरी (कैंसर सर्जरी) के विशेषज्ञ डॉक्टर्स की एक भरोसेमंद टीम मौजूद है।