– मामला स्कीम 78 में निर्मित ‘द हब’ नामक बिल्डिंग में भवन अनुज्ञा नियमाें के उल्लंघन की शिकायत का
– सामाजिक कार्यकर्ता का आराेप : दिसंबर 2025 में हुई शिकायत पर भी नहीं की काेई कार्रवाई, न ही सूचना के अधिकार में जानकारी दे रहे अधिकारी
इंदौर। शहर में अवैध निर्माण और व्यावसायिक अनुमतियों के उल्लंघन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। निगम अधिकारी राेड चाैड़ीकरण के दौरान आम लाेगाें के मकान ताे हटा देते हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद रसूखदाराें की बिल्डिंगाें की तरफ झांकते तक नहीं है। बिल्डराें की मनमानी और निगम अधिकारियाें की लापरवाही के कारण शहर की कई इमारताें में हादसे हाे चुके हैं, आगजनी हाे चुकी है लेकिन फिर भी व्यावसायिक भवनाें पर कार्रवाई नहीं हाेती। शहर के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इसी तरह की अनियमितता के चलते जोन क्रमांक 7 की स्कीम नंबर 78 में बने व्यावसायिक भवन में हुए अवैध निर्माण और उसके गलत तरीके से व्यावसायिक उपयाेग की शिकायत की है। शिकायर्ता का कहना है कि दिसंबर 2025 में शिकायत करने के बावजूद भी निगम अधिकारियाें ने न जाँच की न ही कार्रवाई।
यह है मामला
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल के अनुसार – ‘‘व्यावसायिक इमारताें की छताें का नियमाें के खिलाफ मनमाना उपयाेग जनहित का मुद्दा है और इसमें लापरवाही लाेगाें की जान से खिलवाड़ है। हजाराें की संख्या में लाेग इन इमारताें में आते हैं लेकिन नियमाें का पालन नहीं हाेना बेहद घातक हाे सकता है। उन्हाेंने 11 दिसंबर 2025 काे निगम के भवन अधिकारी से लेकर आयुक्त तक काे शिकायत की है कि भूखंड क्रमांक A2, स्कीम नंबर 78-2 (PSP, वार्ड 32) पर मेसर्स सी.एम. मुदडा एण्ड कंपनी (भागीदार श्री निलेश चुघ व श्री मोहनलाल चुघ) द्वारा व्यावसायिक बहुमंजिला भवन ‘द हब’ का निर्माण किया गया है। इमारत में तल मंजिल, प्रथम मंजिल, मेजेनाइन फ्लोर के साथ तृतीय मंजिल पर पैरापेट वॉल (मुंडेर) बनाने की स्वीकृति थी। लेकिन अब तीसरी मंजिल पर छत पर अवैध निर्माण कर लिया गया है। भवन अनुज्ञा शर्ताें का उल्लंघन कर यहाँ ज्ञानी जी का ढाबा नामक रेस्टोरेंट, रिवर्सो क्लब्स एण्ड टर्फ्स और होला कैफ़ेटेरिया का व्यावसायिक संचालन किया जा रहा है।‘‘
आरटीआई में जानकारी छुपाने का आरोप
शिकायतकर्ता श्री खंडेलवाल का आरोप है कि भवन अनुज्ञा उल्लंघन के मामले में जब उन्हाेंने नियम, शर्ताें काे जानने के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत 20 नवंबर 2025 काे जानकारी मांगी, ताे नहीं दी गई। एक आवेदन के जवाब में उन्हें बताया गया कि भवन का मानचित्र एबीपीएएस–1 पोर्टल द्वारा स्वीकृत है। वर्तमान में पाेर्टल बंद है, जिसके कारण जानकारी नहीं दी जा सकती। इसके बाद उन्हाेंने 11 दिसंबर 2025 काे कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत की, जिसमें नियमाें का पालन करवाने, अवैध निर्माण हटवाने, मनमाना व्यावसायिक उपयाेग बंद करवाने, लापरवाह अधिकारियों और अवैध निर्माण करने वालाें पर कार्रवाई की मांग की गई है। लेकिन न जाँच हुई, न कार्रवाई। इसके बाद उन्हाेंने फिर आरटीआई में कार्रवाई की जानकारी मांगी, लेकिन वाे भी नहीं दी गई।
अब देखना यह है कि दिल्ली में हुए हादसे के बाद निगम अधिकारी जागेंगे, या फिर इंदाैर में लाेगाें की जान से खिलवाड़ जारी रहेगा।
2025 नवंबर, दिसंबर में द हब बिल्डिंग की शिकायत हुई थी। हमने रेस्टाेरेंट ऑनर काे नाेटिस दिया था, जिस पर उन्हाेंने रेस्टाेरेंट बंद करने का शपथ पत्र दिया था। बीआई छुट्टी पर थे, इसलिए अवैध निर्माण की जाँच नहीं हाे सकी थी। इसके बाद मेरा ट्रांसफर हाे गया। वर्तमान की स्थिति माैजूदा अधिकारी बता सकते हैं।
– टीना सिसाैदिया, तत्कालीन बिल्डिंग ऑफिसर – नगर निगम, जाेन 7, इंदाैर
अवैध निर्माण पर कार्रवाई के संबंध में बिल्डिंग और कार्रवाई इस संबंध में जाेन 7 के भवन अधिकारी विशाल राठाैर से चर्चा करने की काेशिश की गई, लेकिन उन्हाेंने माेबाइल रिसिव नहीं किया।