‘बड़े ताई’ (स्व. पद्मश्री शालिनी ताई मोघे) की 11 वीं पुण्यतिथि बाल निकेतन संघ द्वारा मनाई गई

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इंदौर । शहर में शिक्षा के माध्यम से समाजसेवा की अलख जगाने वाली पद्मश्री स्व. शालिनी ताई मोघे (बड़े ताई) की 11वीं पुण्यतिथि पर बाल निकेतन संघ परिवार द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़े ताई को श्रद्धांजलि अर्पित करने की भावना से हो रहे इस आयोजन की शुरुआत कोरोना योद्धाओं का सम्मान करते हुए हुई। इस दो दिवसीय समारोह की शुरुआत बाल निकेतन विद्यालय के छात्रों ने प्रार्थना से की l अतिथियों का सत्कार शाल श्रीफल से किया गया और उन्हें संस्था द्वारा मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए l समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के पूर्व छात्र आमंत्रित थे, जिन्होंने समाज के लिए कोरोना काल में कई नेक कार्य किए l पहले दिन मुख्य अतिथि थे डॉ. अखिल खारिया जी और डॉ. रवि दोसी एवं दुसरे दिन माननीय श्री गिरीश मतलानीजी कि अध्यक्षता में कार्यर्क्रम आयोजित क्या गया जिसमे प्रसिद्ध शिशुरोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना राजनंदगांव का व्याख्यान “डिफिकल्ट टीन्स” विषय पर हुआ l जिसमे उन्होंने किशोर अवस्था में होने वाली परेशानियों और चुनोतियो पर अपना व्याख्यान दिया l इस आयोजन में शहर के कई गण माननीय नागरिक शामिल हुए ।

इस अवसर पर डॉ. रवि दोषी ने बताया कि –कोविड जैसी महामारी में सबसे अधिक जो चेलेंज था वो था गलत सूचनाओं का प्रचार प्रसार था अतः हमें सही ज्ञान और जागरूकता का प्रयास समाज में लाना चाहिए जिससे आपकी भूमिका महत्वपूर्ण हैl आप बच्चों से मेरा यही कहना है कि आप अपने जीवन में जो भी करो पुरे मन लगाकर करे और पढाई के साथ-साथ देश के बारे में सोचें और मानव सेवाओं में कुछ योगदान करे। आपके साथ बाल निकेतन जैसी संस्था के शिक्षकों का मार्गदर्शन है l

इस अवसर पर डॉ. अनिल खारिया ने बताया कि- बड़ा अच्छा लगता है जब आप जिस स्कूल में आपने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कि हो उसी में आपको सम्मानित किया जाता हैl हमें यहाँ बहुत कुछ सिखने को मिला, जो जीवन को एक दिशा दे पाएl उन्ही संस्कारों के माध्यम से कोविड महामारी में हम जनता के लिए कुछ कर पाए l

दुसरे दिन प्रसिद्ध शिशुरोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना राजनंदगांव ने अपने व्याख्यान में “डिफिकल्ट टीन्स” विषय पर उन्होंने अपने विचार व्यक्त किये और और कैसे किशोरावस्था में बच्चे और उनके माता पिता में जो मतभेद होते है उस पर विस्तार से समझाया और उसे किस तरह से हैंडल किया जा सकता उसे समझाया l

अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माननीय श्री गिरीश मतलानी जी ने स्व. शालिनी ताई मोघे (बड़े ताई) से जुड़ी बातें और किस्सों को याद किया और जीवन के प्रति उनके जो मूल्य थे और संस्कारों को उन्हें जीवन में उतारने की प्रेरणा दीl उन्होंने बच्चों को बताया कि हमेशा अच्छी आदतों की प्रेक्टिस करे और अपने कार्यो में अनुशासित रहे l

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